geeton ke badal - [ 2]
रविवार, 24 जुलाई 2011
ख़ुशी छलकी जो आँखों से ,उसी के अश्रु झरते हैं,
अभी तक ज्वार -भाटे वो ,समंदर में उमड़ते हैं ,
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