सोमवार, 1 अगस्त 2011

रो रहा हूँ , मुस्कुराकर , क्या हुआ है आज मुझको ,
ओस- भीगे फूल देखे , क्या हुआ है आज मुझको.,
आज तेरी याद में ही ,घुल गया हूँ इस कदर मैं ,
तन-बदन में तुम खिली हो , क्या हुआ आज मुझको,

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