geeton ke badal - [ 2]
गुरुवार, 30 जून 2011
चहचहाते पक्षियों ने ,भोर को आवाज दे दी,
झूमकर पूरी प्रकृति , चहचहाती जा रही है ,
वायु के कुछ मंद झोंके ,छू रहे हैं तन-बदन को,
हरितिमा में कौन आकर ,मुस्कुराती जा रही है,
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें