खुशबुओं में तरबतर हो, ये हवायें बह रहीं हैं,
तुम यहीं हो ,पास में हो,हाल हमसे कह रहीं हैं/
दर्द ने चिठ्ठी लिखी है, क्या पता तुमने पदी हो,
धड़कनों की बेकरारी ,क्या पता तुमने सुनी हो,
किसतरह हम जी रहे हैं , किसतरह हम चल रहे हैं,
साँस में है जो प्रतीक्षा ,क्या पता तुमने बुनी हो,
हौसला तू मत डिगाना ,ये दिशाएँ कह रहीं हैं/
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